
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के भदरसा मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लगाए गए आरोपों को दुराग्रहपूर्ण बताते हुए डीएनए टेस्ट की मांग की है। अखिलेश ने कहा कि जिन पर भी कुकृत्य के आरोप लगे हैं, उनका डीएनए टेस्ट कराकर सच्चाई सामने लाई जाए। आरोपियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दी जाए और यदि आरोप झूठे साबित होते हैं, तो सरकार के संबंधित अधिकारियों को भी बख्शा न जाए।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हर दिन हत्या, लूट और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं, और भाजपा सरकार असली अपराधियों को बचा रही है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि अयोध्या में पिछले सात वर्षों में जो भ्रष्टाचार और जमीनों की लूट हुई है, उसके बाद लोकसभा चुनाव हारने पर भाजपा बौखला गई है और समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगा रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को तुरंत 20 लाख रुपये की सहायता दी जाए। अखिलेश ने कहा कि लखनऊ की घटना में भी समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की नापाक और असफल कोशिश की गई थी, जबकि सपा ने उस घटना की पहले ही निंदा की थी। उन्होंने भाजपा से चुनौती दी कि वह तथाकथित आरोपियों के बारे में श्वेतपत्र जारी करे।
अवधेश प्रसाद का बयान
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भदरसा दुष्कर्म मामले में अपने बयान में कहा कि यह घटना बहुत ही दर्दनाक और शर्मनाक है और इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी विवेचना होनी चाहिए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को किसी भी दबाव में न आकर सच्चाई का पता लगाना चाहिए और पीड़िता को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीति के दौरान रोज सैकड़ों लोग उनके साथ फोटो खिंचाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे उन सबके कृत्यों के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है और निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने डीएनए टेस्ट कराने की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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