
हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली।
उत्तर प्रदेश के शाजापुर की नेहा यादव ने मच्छरों से निपटने का एक अनूठा तरीका खोज निकाला है। नेहा और उनकी टीम ने ठहरे हुए पानी में मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए तेल वाली गेंदों का आविष्कार किया है। इस उपाय से मच्छरजनित बीमारियों जैसे डेंगू और मलेरिया पर काबू पाया जा सकता है।
नेहा यादव की खोज
नेहा यादव ने अपने साथी प्रांज सना के साथ मिलकर यह अनोखा तरीका खोजा है। यह तरीका उन्होंने तब इजाद किया जब उन्होंने देखा कि उनके शहर में डेंगू की स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखी जिससे प्रेरणा लेकर उन्होंने तेल वाली गेंदें तैयार करने का काम शुरू किया।
कैसे काम करती हैं तेल वाली गेंदें?
नेहा के मच्छर मारने वाले इस तरीके में, लकड़ी के बुरादे या छोटे लकड़ी के टुकड़ों को कपड़े के टुकड़े में लपेटकर, तेल में भिगोया जाता है। फिर इन तेल में डूबी हुई गेंदों को ठहरे हुए पानी में डाल दिया जाता है। तेल पानी की सतह पर एक मोटी परत बना देता है जिससे पानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है। इससे मच्छरों के लार्वा जीवित नहीं रह पाते और मर जाते हैं। बता दें कि नेहा यादव और उनकी टीम का यह नोबल आइडिया मच्छरों से केवल मच्छरों को खत्म करने में मदद नहीं, बल्कि इससे मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिले के अधिकारियों ने नेहा यादव और उनकी टीम की इस खोज की सराहना की है। उनका मानना है कि यह उपाय मच्छरों से निपटने में बहुत मददगार साबित हो सकता है। वे इस नवाचारी उपाय को विभिन्न क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रहे हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जलभराव होता है।
नेहा यादव और उनकी टीम का यह नोबल आइडिया मच्छरों से बचाव में एक महत्वपूर्ण योगदान है। यह उपाय न केवल मच्छरों को खत्म करने में मदद करता है, बल्कि इससे मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में भी सहायता मिलती है।
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