
नई दिल्ली। कन्नौज जिले में एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव के डिग्री कॉलेज में रात के समय अपनी नाबालिग भतीजी को ले जाने वाली आरोपी बुआ को आखिरकार बुधवार को तिर्वा से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बुआ ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि जब उसने खुद को इस मामले में फंसता देखा, तो वह गिरफ्तारी के डर से भाग गई थी। पुलिस ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में बुआ को भी आरोपी बनाया था और अब उसे जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
11 अगस्त की रात को, एक किशोरी ने डायल 112 पर कॉल करके चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय में अपने साथ दुष्कर्म होने की सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और अड़ंगापुर निवासी नवाब सिंह यादव को एक कमरे में अंडरवियर में लेटे हुए पाया। पास ही कुर्सी पर पीड़िता की बुआ बैठी थी। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि उसकी बुआ उसे नौकरी दिलाने के बहाने वहां लाई थी।
नवाब सिंह और बुआ के अवैध संबंध
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी बुआ के नवाब सिंह यादव से कई सालों से अवैध संबंध थे। पूछताछ में बुआ ने कबूल किया कि वह नवाब सिंह को पिछले पांच-छह साल से जानती है और उनके बीच शारीरिक संबंध भी थे। 11 अगस्त को नवाब ने उसे फोन करके कॉलेज बुलाया था, और वह लखनऊ से अपनी भतीजी को लेकर वहां पहुंची थी।
10 लाख रुपये का लालच और मेडिकल परीक्षण में रुकावट
बुआ ने पुलिस को बताया कि जब उसकी भतीजी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा था, तो नवाब सिंह के छोटे भाई नीलू यादव ने उसे मेडिकल न कराने और अदालत में बयान से पलटने के लिए 10 लाख रुपये का लालच दिया था। इसी कारण बुआ ने भतीजी के मेडिकल परीक्षण में रुकावट डालने की कोशिश की। पुलिस अब नीलू यादव को भी अभियुक्त बनाने पर विचार कर रही है।
कोर्ट में अगली सुनवाई की तारीखें
कोर्ट ने आरोपी बुआ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में अगली सुनवाई 3 सितंबर को होगी। वहीं, मुख्य आरोपी नवाब सिंह यादव की रिमांड पर अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
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