
नई दिल्ली 13 जून – कुवैत में आग की घटना में जान गंवाने वाले भारतीयों के शवों को लाने के लिए भारतीय वायुसेना का C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान हिंदन एयरबेस पर तैयार है। रक्षा अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
आग की घटना और भारतीयों की हालत
कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-यहया ने विदेश राज्य मंत्री किर्ती वर्धन सिंह को आश्वासन दिया है कि आग की घटना में मारे गए भारतीयों के शवों को जल्द से जल्द भारत भेजा जाएगा। किर्ती वर्धन सिंह ने कुवैत में घायलों से भी मुलाकात की और उन्हें भारतीय सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
किर्ती वर्धन सिंह ने मुबारक अल काबीर अस्पताल का दौरा किया, जहां आग में घायल सात भारतीयों का इलाज चल रहा है। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों, डॉक्टरों और नर्सों की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और सहायता
कुवैत में आगजनी की घटना की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक समीक्षा बैठक बुलाई और मृतक भारतीय नागरिकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
इस घटना में 40 से अधिक भारतीयों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए। घायल लोग कुवैत के पांच सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रहा है। दूतावास ने परिवार के सदस्यों के लिए एक हेल्पलाइन भी स्थापित की है।
तमिलनाडु के एक प्रत्यक्षदर्शी मणिकंदन ने बीबीसी तमिल को बताया कि कई कर्मचारी रात की शिफ्ट में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, “सुबह-सुबह अपार्टमेंट में लौटे कुछ लोग काम से लौटने के बाद खाना बना रहे थे।” “आग लगने के बाद यह तेजी से फैल गई। इमारत में रहने वाले लोग आग पर काबू नहीं पा सके।”भारत में, जिन पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, उनके परिवार सदमे में हैं।
कुवैत में आग का प्रभाव और जांच
कुवैत के मंगाफ क्षेत्र में एक श्रमिक आवासीय सुविधा में आग लगने से यह घटना हुई। भारतीय दूतावास और कुवैत सरकार मिलकर इस घटना की जांच कर रहे हैं। किर्ती वर्धन सिंह ने कहा कि कुछ शव इतनी बुरी तरह से जल गए हैं कि उनकी पहचान मुश्किल हो गई है।
घटना के बाद, विदेश मंत्री किर्ती वर्धन सिंह ने कुवैत में विभिन्न अस्पतालों का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास लगातार प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है और सभी को हर संभव सहायता दी जाएगी।
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राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस दुखद घटना पर विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने शोक व्यक्त किया। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इसे बेहद दुखद करार दिया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। तमिलनाडु के राज्य मंत्री के.एस. मस्तान ने कहा कि इस घटना में तमिलनाडु के पांच लोगों की मौत हो गई है।
केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर इस घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों की सहायता कर रही हैं। केरल सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
कुवैत में आग की इस त्रासदी ने भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। भारतीय वायुसेना के सुपर हरक्यूलिस विमान की तैयारी और भारत सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सहायता मिले। कुवैत और भारत दोनों सरकारें मिलकर इस घटना की जांच कर रही हैं और प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता कर रही हैं।
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