
नई दिल्ली। गुरुवार को कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अराजकता का माहौल पैदा हो गया जब कुछ अज्ञात बदमाशों ने अस्पताल के एक हिस्से में जमकर तोड़फोड़ की और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों पर हमला किया। यह घटना तब हुई जब अस्पताल परिसर में पिछले हफ्ते एक महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए कथित दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ प्रदर्शन जारी था। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों में से एक ने बताया, “यह हमला हमें डराने और हमारे विरोध को दबाने की कोशिश है। लेकिन ऐसी घटनाएं हमारे संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं, बल्कि हमें अंत तक लड़ने की ताकत देती हैं।”
पुलिस के अनुसार, करीब चालीस बदमाश अस्पताल परिसर में घुसे, जिन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ की और पुलिस बल पर भी हमला किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस हिंसा के दौरान एक पुलिस वाहन पलट गया और कई दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं।
घटना के बाद कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने अस्पताल का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। साथ ही, उन्होंने मीडिया द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारियों पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हमने इस मामले को सुलझाने के लिए हरसंभव प्रयास किया है, लेकिन दुर्भावनापूर्ण मीडिया अभियान ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।”
गौरतलब है कि 9 अगस्त को इस अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। अगले दिन इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। इस गंभीर मामले की जांच अब कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर कोलकाता पुलिस से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है।
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