
ढ़ांका। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने धार्मिक स्थलों पर हो रहे हमलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इस दौरान उन्होंने एक हॉटलाइन शुरू की है, जिसमें नागरिकों से हिंदू मंदिरों, गिरजाघरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर हो रहे हमलों की सूचना देने का आग्रह किया गया है। यह कदम तब उठाया गया है जब शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं, के धार्मिक स्थलों और संपत्तियों पर हमले तेज हो गए हैं।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए सरकार की अधिसूचना
प्रमुख दैनिक समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ के अनुसार, बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने इस मुद्दे पर एक अधिसूचना जारी की है। इसमें नागरिकों से अपील की गई है कि अगर किसी मंदिर, गिरजाघर या अन्य धार्मिक स्थल पर उपद्रवियों द्वारा हमला किया जाता है, तो वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर हो रहे हमलों की खबरें लगातार आ रही थीं।
ढाकेश्वरी मंदिर पहुंचे अंतरिम सरकार के प्रमुख, आश्वासन दिया
इस बीच, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने ढाका के ऐतिहासिक ढाकेश्वरी मंदिर का दौरा किया और हिंदू समुदाय के नेताओं को आश्वासन दिया कि मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है। यूनुस ने कहा, “हमारे देश में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना हमारा उद्देश्य है। हम किसी भी प्रकार के भेदभाव को सहन नहीं करेंगे।”
सुधार की आवश्यकता: यूनुस का बयान
इस दौरे के दौरान, यूनुस के साथ कानूनी और धार्मिक मामलों के सलाहकार आसिफ नजरूल और एएफएम खालिद हुसैन भी मौजूद थे। यूनुस ने बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद के अध्यक्ष वासुदेव धर और महासचिव संतोष शर्मा से मुलाकात करते हुए कहा, “हमें धर्म, जाति या पंथ के आधार पर नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में एकजुट होकर काम करना चाहिए। संस्थागत व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की समस्याएं भविष्य में उत्पन्न न हों।”
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