
नई दिल्ली। संसद के पहले सत्र में विपक्ष ने नीट के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा और जोरदार हंगामा किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए शायराना अंदाज में तंज कसा। उनके इस अंदाज से सभापति जगदीप धनखड़ भी हंसने पर मजबूर हो गए।
सत्र की शुरुआत में ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक और इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार की तीखी आलोचना की। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि नीट के पेपर लीक से देश के लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में है। खरगे ने अपने संबोधन में कहा, “कभी घमंड मत करना, तकदीर बदलती रहती है… शीशा वही रहता है, बस तस्वीर बदलती रहती है।” उनके इस बयान पर सभापति धनखड़ भी मुस्कुरा उठे।
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खरगे ने अपने भाषण में भाजपा के चुनावी वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले कई वादे किए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “यह चुनाव अहंकार तोड़ने वाला था, लेकिन भाजपा ने अपने वादों को पूरा नहीं किया।” कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी और विपक्ष की आवाज दबाने के आरोप लगाए।
सभापति जगदीप धनखड़ ने गोहिल के आरोपों पर नाराजगी जताई। गोहिल ने आरोप लगाया था कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। इस पर धनखड़ ने कहा, “मैं बस संसद को सही तरीके से चलाने का काम कर रहा हूं।” खरगे ने मजाकिया अंदाज में कहा, “आप तो मेरी उठक-बैठक करवाने पर लगे हैं।”
संसद सत्र में नीट के अलावा भी कई मुद्दे उठाए गए। विपक्ष ने सरकार की नीतियों और उनके कार्यान्वयन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से आम जनता को फायदा नहीं हो रहा है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार असफल साबित हुई है।
विपक्ष ने शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं शिक्षा प्रणाली में खामियों की ओर इशारा करती हैं। विपक्षी नेताओं ने सरकार से इन खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
सत्र के दौरान, विपक्ष ने सरकार की अन्य नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की आर्थिक नीतियां देश के विकास में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी और महंगाई बढ़ रही है और सरकार इन मुद्दों को सुलझाने में असफल हो रही है।
सत्र का समापन होते-होते यह स्पष्ट हो गया कि नीट के मुद्दे पर सरकार को विपक्ष के तीखे हमलों का सामना करना पड़ा। विपक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं और सरकार से इस पर ठोस कार्रवाई की मांग करते रहेंगे।
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