
नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने हाल ही में स्वीकार किया कि पेरिस ओलंपिक से पहले उन पर काफी दबाव है। नीरज, जो 29 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम की अगुआई करेंगे, ने टोक्यो में 87.58 मीटर के थ्रो के साथ इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक जीता था। अब, उनसे 26 जुलाई से शुरू होने वाले पेरिस ओलंपिक में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
नीरज के लिए पेरिस ओलंपिक की राह आसान नहीं होगी क्योंकि इस बार वे अपने खिताब का बचाव करने जा रहे हैं। 26 वर्षीय नीरज ने 2023 एशियाई खेलों में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया था और उनका मानना है कि ओलंपिक का अनुभव कुछ अलग होगा, क्योंकि इस बार उनसे अतिरिक्त अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं।
‘पहले भी ऐसी स्थिति में रहा हूं’
नीरज ने कहा, “इस बार चीजें अलग हैं क्योंकि मैं अपने खिताब का बचाव करने उतरूंगा। इस स्थिति का मुझे थोड़ा अनुभव है क्योंकि पिछले साल एशियाई खेलों में भी ऐसा हुआ था, जहां मुझे 2018 के अपने खिताब का बचाव करना था। हालांकि, उसकी तुलना ओलंपिक से नहीं की जा सकती। तथ्य यह है कि मुझसे अतिरिक्त उम्मीदें हैं और इसे दबाव के अलावा कुछ भी कहना असंभव है।”
नीरज को अधिक भारतीयों के पेरिस पहुंचने की उम्मीद
नीरज को उम्मीद है कि इस बार अधिक लोग ओलंपिक देखने आएंगे और उन्होंने आशा जताई कि पेरिस में भारतीय एथलीटों का समर्थन करने के लिए अधिक भारतीय मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि हर कोई इस बार ओलंपिक देखेगा। उम्मीद है इस बार भी हम कुछ बड़ा हासिल कर सकेंगे। इस बार हमारे सभी एथलीटों में बहुत अधिक ऊर्जा और विश्वास है। मुझे यह भी लगता है कि ओलंपिक खेल देखने के लिए भारत से बहुत सारे लोग पेरिस आएंगे। टोक्यो में कोविड-19 के कारण दर्शक मौजूद नहीं थे, लेकिन इस बार दर्शकों की मौजूदगी स्टेडियम में रहेगी। अधिक दर्शकों के बीच प्रदर्शन करना शानदार होगा।”
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