
नई दिल्ली। हमारे सौर मंडल में कई ग्रह और क्षुद्रग्रह मौजूद हैं। इन क्षुद्रग्रहों के किसी भी ग्रह से टकराने की संभावना बेहद खतरनाक होती है, क्योंकि इससे मानव सभ्यता और पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर खतरा हो सकता है। लगभग 66 मिलियन वर्ष पहले एक क्षुद्रग्रह के टकराने से डायनासोर विलुप्त हो गए थे। इस बार एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है और नासा उसकी बारीकी से निगरानी कर रहा है।
धरती की ओर बढ़ रहा क्षुद्रग्रह NF 2024
नासा के अनुसार, NF 2024 नाम का यह क्षुद्रग्रह 220 फुट (67 मीटर) का है और 45,388 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है। इसे अपोलो समूह का हिस्सा माना गया है, जो सूर्य की परिक्रमा करने वाले पृथ्वी के निकट क्षुद्रग्रहों का एक ग्रुप है। नासा की जेट प्रोपल्शन प्रयोगशाला (JPL) के मुताबिक, NF 2024 पृथ्वी के सबसे करीब 17 जुलाई को होगा, जब यह पृथ्वी से लगभग 3 मिलियन मील (4.8 मिलियन किमी) की दूरी से गुजरेगा। इस दूरी पर होने के कारण, पृथ्वी को इससे कोई खतरा नहीं है।
नासा लगातार पृथ्वी के निकट स्थित वस्तुओं पर नजर रखता है और उनके प्रक्षेप पथ का डेटाबेस बनाए रखता है। यह जानकारी रखी जाती है कि कौन सा क्षुद्रग्रह किस रास्ते से होकर गुजरता है और उसका पृथ्वी पर क्या असर हो सकता है।
अन्य क्षुद्रग्रह भी हैं आने को तैयार
150 मीटर से बड़े व्यास वाले और 4.6 मिलियन मील (7.4 मिलियन किलोमीटर) से ज्यादा नजदीक से गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों को संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रह (PHA) माना जाता है। NF 2024 का व्यास छोटा होने के कारण यह PHA के मानदंडों को पूरा नहीं करता है। इसके अलावा, नासा ने बताया कि आने वाले दिनों में चार अन्य क्षुद्रग्रह भी पृथ्वी के करीब से गुजरेंगे: BY15, NJ3, और MG1। ये सभी 2.64 मिलियन मील से 3.85 मिलियन मील की दूरी से सुरक्षित रूप से गुजरने की उम्मीद है।
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