
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने पेरिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। 21 वर्षीय अमन ने कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में पुअर्तो रिको के डारियान टोई क्रूज को 13-5 के अंतर से मात दी। इससे पहले, छत्रसाल अखाड़े के इस प्रतिभाशाली पहलवान ने प्री-क्वार्टर फाइनल और क्वार्टर फाइनल में दमदार खेल दिखाया था, लेकिन पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के सेमीफाइनल में जापान के शीर्ष वरीय रेई हिगुची से हार गए थे।
अमन भले ही सेमीफाइनल में हार गए, लेकिन उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले में ज़बरदस्त वापसी करते हुए पेरिस खेलों में भारत के लिए छठा पदक जीता। इस ओलंपिक में भारत ने अब तक कुल छह पदक जीते हैं, जिनमें पांच कांस्य और एक रजत शामिल हैं।
मुकाबले में अमन की दमदार शुरुआत
अमन सहरावत ने शुरुआत से ही मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा। पहले राउंड में वह 6-3 से आगे थे और दूसरे राउंड में अपनी बढ़त को और भी मजबूत कर लिया। अमन ने डारियान क्रूज को कोई मौका नहीं दिया और मैच को आसानी से अपने पक्ष में किया।
पेरिस ओलंपिक में अमन भारत के एकमात्र पुरुष पहलवान थे, और उन्होंने इस प्रतियोगिता में देश की कुश्ती में पदक जीतने की परंपरा को बरकरार रखा। भारत ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक के बाद से हर ओलंपिक में कुश्ती में पदक हासिल किया है। सुशील कुमार ने 2008 में कांस्य और 2012 में रजत, योगेश्वर दत्त ने 2012 में कांस्य, साक्षी मलिक ने 2016 में कांस्य, और 2020 टोक्यो ओलंपिक में रवि दहिया ने रजत और बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक जीता था।
अमन के इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके करियर का शानदार आगाज हुआ है, बल्कि उन्होंने विनेश फोगाट के अयोग्य करार दिए जाने के बाद निराशा में डूबे भारत को नई उम्मीदें और खुशियां भी दी हैं।
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