
गोपेश्वर। बद्रीनाथ, उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। हाल ही में बद्रीनाथ धाम प्रशासन ने नियम उल्लंघन के लिए लोगों के फोन जब्त कर लिए और जुर्माना भी वसूला है. बता दें कि धाम की मर्यादा को बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार ने मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे में रील्स, वीडियो पर रोक लगाई थी जिसके तहत पुलिस की ओर से फोन जब्ती की कार्रवाई की गई।
प्रशासन की सख्ती
बद्रीनाथ धाम के थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने बताया कि पुलिस ने जिन लोगों के फोन जब्त किए है वे मंदिर परिसर के 50 मीटर दायरे में रील न बनाने के नियम का उल्लंघन कर रहे थे। इसलिए उन पर कार्रवाई करते हुए उनके फोनों को आठ घंटे तक जब्त रखा गया इसके बाद सख्त हिदायत देते हुए फोन लौटा दिए गए। बता दें कि बाबा के दर्शन के लिए कुछ श्रृद्धालु मंदिर परिसर में मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। इसपर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ नियम उल्लघंन के तहत कार्रवाई करते हुए उनके फोन जब्त किए और चालान करते हुए प्रति व्यक्ति 250 रू0 जुर्माना भी वसूला। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि नियम उल्लघंन पर पुलिस की ओर से ये कार्रवाई आगे भी ऐसी ही जारी रहेगी।
अब देवप्रयाग में सेल्फी बैन

बता दें कि उत्तराखंड सरकार की ओर से चारों धाम व हेमकुंड साहिब की मर्यादा बनाए रखने को लेकर मंदिर परिसरों में वीडियो-रील को प्रतिबंधित किया था। इस बीच थाना प्रभारी महिपाल सिंह ने सुरक्षा जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार देवप्रयाग में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने गंगा संगम के सौ मीटर के दायरे में सेल्फी लेने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
क्यों जरूरी है यह कदम?
धार्मिक स्थलों की पवित्रता और शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है। ऐसे स्थानों पर अनुशासनहीनता न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि दूसरों के लिए भी असुविधा का कारण बनती है। रील्स और वीडियो बनाने से अन्य श्रद्धालुओं की पूजा और ध्यान में व्यवधान उत्पन्न होता है।