
नई दिल्ली। भारत की युवा शूटर मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में इतिहास रचते हुए दो पदक जीते हैं। 22 वर्षीय मनु ने पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में पदक जीता और फिर सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इस सफलता के साथ, मनु ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई हैं। मनु का यह सफर आसान नहीं था; टोक्यो ओलंपिक में खराब प्रदर्शन और तकनीकी समस्याओं के बाद, उन्होंने अपने करियर को लेकर संदेह महसूस किया था।
टोक्यो की निराशा और मनु की प्रेरणा
टोक्यो ओलंपिक 2020 में मनु भाकर की उम्मीदें उस वक्त ध्वस्त हो गईं जब उनकी पिस्टल में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट के फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। मनु ने उस समय 575 अंक हासिल किए और 12वें स्थान पर रहीं। पिस्टल की समस्या के कारण उन्हें पांच मिनट का इंतजार करना पड़ा, और आखिर में वह फाइनल से चूक गईं। इस घटना के बाद मनु डिप्रेशन में चली गई थीं और उन्होंने शूटिंग छोड़ने का भी विचार किया।
प्रेरणा की तलाश और वापसी
मनु ने अपनी प्रेरणा जमैका के धावक उसेन बोल्ट की आत्मकथा से पाई। उन्होंने अमर उजाला के एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे बोल्ट की कहानी ने उन्हें प्रेरित किया। मनु ने कहा, “हार से प्रेरणा मिलती है जो जीत से नहीं मिलती।” टोक्यो ओलंपिक के बाद, मनु ने अपने मानसिक स्वास्थ्य पर काम किया और खुद को दोबारा तैयार किया। पेरिस ओलंपिक के लिए उन्होंने मेंटल ट्रेनिंग और योगा पर ध्यान दिया, जिससे उन्हें फिर से अपनी क्षमता पर विश्वास हुआ।
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