
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शहरी विकास और आवास (यूडीएच) की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान मंत्री शांति धारीवाल की जुबान फिसल गई। बहस के दौरान उन्होंने तीन बार अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे सदन में हंगामा मच गया। सबसे गंभीर स्थिति तब उत्पन्न हुई जब धारीवाल ने सभापति संदीप शर्मा को भी गाली दे दी। यह घटना तब हुई जब संदीप शर्मा ने धारीवाल को अपनी बात समाप्त करने के लिए कहा।
इस घटना के दौरान धारीवाल ने सभापति से कहा, “तुम तो कोटा के हो, कोटा में रहना है कि नहीं?” यह टिप्पणी सभापति संदीप शर्मा को निशाना बनाते हुए की गई, जो कोटा दक्षिण से विधायक हैं, जबकि धारीवाल कोटा उत्तर से विधायक हैं।
बीजेपी विधायक श्रीचंद कृपलानी ने धारीवाल की भाषा पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल सदन में नहीं होना चाहिए। इस पर धारीवाल ने जवाब देते हुए कहा, “कृपलानी जी, आप तो मेरे मित्र हो। एक बार गलती से मंत्री बन गए थे, आप जानकारी हासिल नहीं कर पाए थे। अब मैं जो बोल रहा हूं, अपना ज्ञान बढ़ाओ।”
धारीवाल की इस टिप्पणी ने सदन में भारी विवाद खड़ा कर दिया और विपक्ष ने उनकी भाषा की कड़ी निंदा की। इस घटना के बाद, सदन में शांति बनाए रखने के लिए कुछ समय के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
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