
नई दिल्ली। आज संसद के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला, जब कांग्रेस नेता और लोकसभा के विपक्षी नेता राहुल गांधी ने किसान नेताओं से मुलाकात की कोशिश की। किसानों को संसद के अंदर जाने की अनुमति न मिलने के बाद विवाद शुरू हो गया। हालांकि, विरोध और हंगामे के बाद, किसान नेताओं के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी से मुलाकात की।
राहुल गांधी का आरोप और बयान
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि किसानों को संसद में प्रवेश नहीं देने का कारण उनके किसान होने की स्थिति हो सकती है। उन्होंने कहा, “हमने किसानों को संसद में मिलने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन उन्हें अंदर नहीं आने दिया गया। यह एक समस्या है और संभवतः एक तकनीकी मुद्दा भी हो सकता है।” मुलाकात के बाद, राहुल गांधी ने यह भी बताया कि किसान नेताओं ने MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को कानूनी गारंटी देने की बात कही है, और उन्होंने विपक्षी गठबंधन के नेताओं से मिलकर सरकार पर इस मुद्दे पर दबाव डालने का संकल्प लिया है।
मौजूद नेताओं और उनके बयान
इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरजीत सिंह औजला, धर्मवीर गांधी, डॉ. अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और जय प्रकाश भी मौजूद थे।
#WATCH | Congress MP & LoP Lok Sabha Rahul Gandhi in Parliament, says, "We had invited them (farmer leaders) here to meet us. But they are not allowing them here (in Parliament). Because they are farmers, maybe this is the reason they are not allowing them in." pic.twitter.com/oyrv61wsKR
— ANI (@ANI) July 24, 2024
प्रदर्शन और आगामी योजनाएं
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने 22 जुलाई को सरकार के खिलाफ नए विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। किसान 15 अगस्त को देशभर में ट्रैक्टर रैली निकालेंगे और नए क्रिमिनल बिल की प्रतियां जलाएंगे। इसके अतिरिक्त, किसान संगठनों ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च की घोषणा की है, जो 31 अगस्त को 200 दिन पूरा करेगा।
इन संगठनों ने किसानों से पंजाब-हरियाणा के खनौरी-शंभू बॉर्डर पर पहुंचने की अपील की है, और मांग की है कि MSP गारंटी, ऋण माफी, फसल बीमा, पेंशन और बिजली के निजीकरण को वापस लेने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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