
मध्य प्रदेश के रीवा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें दो महिलाओं पर मुरम डालने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद सियासी बवाल भी मच गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला बोला है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। आशा पांडेय और उनकी देवरानी ममता पांडेय का अपने ससुर गौकरण पांडेय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। गौकरण पांडेय उस जमीन पर रास्ता निकालना चाहते थे, लेकिन आशा पांडेय का परिवार इसका विरोध कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2 बजे गौकरण पांडेय और उनके देवर विपिन पांडेय हाइवा से मुरम लेकर विवादित जमीन पर सड़क बनाने पहुंचे। इसे देख आशा पांडेय और ममता पांडेय मुरम गिरने वाली जगह पर बैठ गईं ताकि मुरम न गिराई जा सके। लेकिन हाइवा चालक को इसकी भनक नहीं लगी और उसने मुरम खाली कर दी, जिससे दोनों महिलाएं मुरम के नीचे दब गईं।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की। कोई हाथ पकड़कर खींच रहा था तो कोई फावड़े से मुरम हटाने लगा। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया।
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जयदीप प्रसाद ने बताया कि यह एक पारिवारिक जमीन विवाद का मामला है। इसमें कोई दलित/आदिवासी महिला शामिल नहीं थीं। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर डंपर जब्त कर लिया है और एक आरोपी विपिन पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है।





पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने डंपर जब्त कर लिया है और आरोपी विपिन पांडेय को हिरासत में लिया गया है। महिलाओं का भी अस्पताल में उपचार कराया गया, जहां से उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
इस मामले में कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इस घटना ने भाजपा शासन की महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मध्य प्रदेश महिलाओं पर अत्याचार में पहले नंबर पर है। कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने कहा कि मप्र में महिलाएं असुरक्षित हैं और सरकार उन्हें न्याय दिलाने में असफल हो रही है।
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