
भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक से चूक गईं। इस मुकाबले में मनु चौथे स्थान पर रहीं। इस स्पर्धा में कुल 10 सीरीज के शॉट्स लगाए गए थे, जिसमें प्रत्येक सीरीज में पांच शॉट्स थे। तीन सीरीज के बाद एलिमिनेशन का दौर शुरू हुआ। मनु आठ सीरीज के बाद 28 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर थीं।
आठवीं सीरीज में हंगरी की वेरोनिका मेजर के साथ मुकाबला
आठवीं सीरीज में मनु भाकर और हंगरी की वेरोनिका मेजर के बीच कांटे की टक्कर थी। मनु ने इस सीरीज में तीन शॉट चूके, जबकि वेरोनिका ने दो शॉट मिस किए और तीन शॉट्स सही लगाए। शूटऑफ में मनु पांच में से तीन निशाना ही लगा सकीं, जबकि वेरोनिका ने चार सटीक निशाने लगाए और कांस्य पदक जीत लिया।
स्वर्ण और रजत पदक विजेता
दक्षिण कोरिया की जिन यांग ने स्वर्ण और फ्रांस की कैमिली ने रजत पदक जीता। 10 सीरीज के बाद जिन और कैमिली का स्कोर 37-37 था। शूटऑफ में जिन ने चार शॉट्स सही लगाए, जबकि कैमिली का सिर्फ एक शॉट सही लगा।
मनु का ओलंपिक में पदकों की हैट्रिक का सपना अधूरा
ओलंपिक में पदकों की हैट्रिक लगाने का मनु भाकर का सपना 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में कांस्य पदक के लिए हंगरी की खिलाड़ी से शूटऑफ में पिछड़ने के बाद पूरा नहीं हो सका। आठ निशानेबाजों के करीबी फाइनल में मनु ने शीर्ष स्थान पर कुछ समय के लिए कब्जा किया लेकिन अपनी निरंतरता बरकरार नहीं रख सकीं।

मनु की उपलब्धियाँ
हालांकि, मनु ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल और मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में सरबजोत सिंह के साथ मिलकर दो कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया है। वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
भारतीय निशानेबाजों के ओलंपिक पदक
खिलाड़ी | इवेंट | पदक | ओलंपिक |
---|---|---|---|
राज्यवर्धन सिंह राठौर | पुरुषों की डबल ट्रैप | रजत | एथेंस 2004 |
अभिनव बिंद्रा | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल | स्वर्ण | बीजिंग 2008 |
गगन नारंग | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल | कांस्य | लंदन 2012 |
विजय कुमार | पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल | रजत | लंदन 2012 |
मनु भाकर | महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल | कांस्य | पेरिस 2024 |
मनु भाकर और सरबजोत सिंह | 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम | कांस्य | पेरिस 2024 |
स्वप्निल कुसाले | 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन | कांस्य | पेरिस 2024 |
तीसरे पदक की उम्मीद थी
मनु भाकर की शानदार लय को देखते हुए, उनके पदकों की हैट्रिक लगाने की उम्मीदें बहुत अधिक थीं। फाइनल की शुरुआत में छठे स्थान पर खिसकने के बाद भी वह वापसी करने में सफल रहीं। मनु की शुरुआत बेहद खराब रही, वह शुरुआती सीरीज में पांच में से तीन निशाना चूक गईं। इसके बाद दो सीरीज में चार-चार निशाने के साथ उन्होंने वापसी की। चौथे सीरीज से एलिमिनेशन चरण शुरू हुआ।
एलिमिनेशन चरण में मनु की कोशिश
मनु सातवें चरण (एलिमिनेशन का चौथा चरण) में कुछ समय के लिए तालिका में शीर्ष पर पहुंचीं। हालांकि, दक्षिण कोरिया की जिन यांग ने तुरंत आठवें दौर में शीर्ष स्थान पर वापसी की। मनु शूटऑफ में अपनी लय जारी नहीं रख सकीं और करीबी अंतर से कांस्य पदक से चूक गईं। इससे पहले मनु ने प्रिसिजन में 294 और रैपिड में 296 अंक के साथ कुल 590 अंक जुटाकर क्वालिफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया था।
भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक से चूक गईं। इस मुकाबले में मनु चौथे स्थान पर रहीं। इस स्पर्धा में कुल 10 सीरीज के शॉट्स लगाए गए थे, जिसमें प्रत्येक सीरीज में पांच शॉट्स थे। तीन सीरीज के बाद एलिमिनेशन का दौर शुरू हुआ। मनु आठ सीरीज के बाद 28 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर थीं।
आठवीं सीरीज में हंगरी की वेरोनिका मेजर के साथ मुकाबला
आठवीं सीरीज में मनु भाकर और हंगरी की वेरोनिका मेजर के बीच कांटे की टक्कर थी। मनु ने इस सीरीज में तीन शॉट चूके, जबकि वेरोनिका ने दो शॉट मिस किए और तीन शॉट्स सही लगाए। शूटऑफ में मनु पांच में से तीन निशाना ही लगा सकीं, जबकि वेरोनिका ने चार सटीक निशाने लगाए और कांस्य पदक जीत लिया।
स्वर्ण और रजत पदक विजेता
दक्षिण कोरिया की जिन यांग ने स्वर्ण और फ्रांस की कैमिली ने रजत पदक जीता। 10 सीरीज के बाद जिन और कैमिली का स्कोर 37-37 था। शूटऑफ में जिन ने चार शॉट्स सही लगाए, जबकि कैमिली का सिर्फ एक शॉट सही लगा।
मनु का ओलंपिक में पदकों की हैट्रिक का सपना अधूरा
ओलंपिक में पदकों की हैट्रिक लगाने का मनु भाकर का सपना 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में कांस्य पदक के लिए हंगरी की खिलाड़ी से शूटऑफ में पिछड़ने के बाद पूरा नहीं हो सका। आठ निशानेबाजों के करीबी फाइनल में मनु ने शीर्ष स्थान पर कुछ समय के लिए कब्जा किया लेकिन अपनी निरंतरता बरकरार नहीं रख सकीं।
मनु की उपलब्धियाँ
हालांकि, मनु ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल और मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में सरबजोत सिंह के साथ मिलकर दो कांस्य पदक जीत कर इतिहास रच दिया है। वह एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
भारतीय निशानेबाजों के ओलंपिक पदक
खिलाड़ी | इवेंट | पदक | ओलंपिक |
---|---|---|---|
राज्यवर्धन सिंह राठौर | पुरुषों की डबल ट्रैप | रजत | एथेंस 2004 |
अभिनव बिंद्रा | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल | स्वर्ण | बीजिंग 2008 |
गगन नारंग | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल | कांस्य | लंदन 2012 |
विजय कुमार | पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल | रजत | लंदन 2012 |
मनु भाकर | महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल | कांस्य | पेरिस 2024 |
मनु भाकर और सरबजोत सिंह | 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम | कांस्य | पेरिस 2024 |
स्वप्निल कुसाले | 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन | कांस्य | पेरिस 2024 |
तीसरे पदक की उम्मीद थी
मनु भाकर की शानदार लय को देखते हुए, उनके पदकों की हैट्रिक लगाने की उम्मीदें बहुत अधिक थीं। फाइनल की शुरुआत में छठे स्थान पर खिसकने के बाद भी वह वापसी करने में सफल रहीं। मनु की शुरुआत बेहद खराब रही, वह शुरुआती सीरीज में पांच में से तीन निशाना चूक गईं। इसके बाद दो सीरीज में चार-चार निशाने के साथ उन्होंने वापसी की। चौथे सीरीज से एलिमिनेशन चरण शुरू हुआ।
एलिमिनेशन चरण में मनु की कोशिश
मनु सातवें चरण (एलिमिनेशन का चौथा चरण) में कुछ समय के लिए तालिका में शीर्ष पर पहुंचीं। हालांकि, दक्षिण कोरिया की जिन यांग ने तुरंत आठवें दौर में शीर्ष स्थान पर वापसी की। मनु शूटऑफ में अपनी लय जारी नहीं रख सकीं और करीबी अंतर से कांस्य पदक से चूक गईं। इससे पहले मनु ने प्रिसिजन में 294 और रैपिड में 296 अंक के साथ कुल 590 अंक जुटाकर क्वालिफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया था।
यह भी पढ़ें: