
ढ़ांका। बांग्लादेश में हाल ही में हुई राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत की यात्रा पर हैं। इसी दौरान, अमेरिका में रह रहे उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने भारत का विशेष आभार जताते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की प्रशंसा की और भारत के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया है।
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार को आभार
वाशिंगटन डीसी से जारी इस वीडियो में सजीब वाजेद जॉय ने कहा, “मेरी मां शेख हसीना की जान बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार का मैं व्यक्तिगत रूप से आभारी हूं। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण ही आज मेरी मां सुरक्षित हैं।” जॉय ने यह भी कहा कि वह हमेशा इस मदद के लिए आभारी रहेंगे।
#WATCH | Washington, DC: Former Bangladesh PM Sheikh Hasina's son, Sajeeb Wazed Joy says, "My message to the government of India, is my personal gratitude to Prime Minister Modi for his government's quick action in saving my mother's life. I am eternally grateful. My second… pic.twitter.com/luXYynELey
— ANI (@ANI) August 9, 2024
भारत को दुनिया में नेतृत्व करने की जरूरत
अपने वीडियो संदेश में जॉय ने भारत से दुनिया में नेतृत्व की भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा, “भारत को अब दुनिया में नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए। अन्य विदेशी शक्तियों को नियंत्रण करने का अवसर नहीं देना चाहिए। भारत का पड़ोसी बांग्लादेश शांति और स्थिरता के मामले में शेख हसीना की सरकार की वजह से सफल हुआ है।”
शेख हसीना की सरकार का योगदान
सजीब वाजेद जॉय ने अपनी मां की सरकार की सराहना करते हुए कहा, “शेख हसीना की सरकार ने न केवल बांग्लादेश में शांति स्थापित की है, बल्कि आर्थिक विकास को भी स्थिर रखा है और उग्रवाद के बढ़ते खतरे को भी रोकने में सफल रही है। यह एक सिद्ध रिकॉर्ड है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।”
बीएनपी की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शेख हसीना का भारत में रहना उनका और भारतीय अधिकारियों का निजी फैसला है। बीएनपी के प्रवक्ता अमीर खसरू महमूद चौधरी ने कहा, “बांग्लादेश के लोग इस कदम को अच्छी नजर से नहीं देखेंगे। भारतीय अधिकारियों को बांग्लादेश के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।”
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