
इंटरनेशनल डेस्क, नई दिल्ली।
हमास की राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की ईरान में हत्या कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में स्थित उनके घर पर हुए हवाई हमले में इस्माइल हानिया और उनके एक अंगरक्षक की मौत हो गई। ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी इस घटना की पुष्टि की है। हमास ने इस्राइल पर हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि, इस्राइल की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
हमास और ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि यह हमला बुधवार की सुबह हुआ। उन्होंने इस्माइल हानिया की मौत पर दुख जताते हुए फलस्तीन के लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। हमास ने भी बयान जारी कर इस्माइल हानिया की हत्या की पुष्टि की और इस्राइल पर आरोप लगाया कि यह हमला उसी ने किया है। इससे पहले, हानिया ने मंगलवार को ईरान के नए राष्ट्रपति के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था और ईरान के सुप्रीम लीडर से मुलाकात की थी।
इस्माइल हानिया की पृष्ठभूमि
इस्माइल हानिया गाजा पट्टी में हमास की सरकार में प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं और हमास के लिए समर्थन जुटाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने दूसरे इंतिफादा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसके बाद इस्राइल की सुरक्षा बलों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। हानिया छह महीने तक इस्राइल की जेल में रहे और बाद में उन्हें लेबनान निर्वासित कर दिया गया। ओस्लो समझौते के बाद हानिया की गाजा में वापसी हुई थी और 2006 में वे हमास की सरकार में प्रधानमंत्री बने।
हाल के हमले और घटनाएं
हाल ही में, इस्राइली सेना ने हानिया के तीन बेटों—आमिर, हाजेम, और मोहम्मद—को भी हवाई हमले में मार गिराया था। इसके अलावा, इस्राइल ने हिजबुल्ला के शीर्ष नेता फौद शुक्र को भी एक हवाई हमले में मार गिराया था, जो गोलन हाइट्स में इस्राइली किशोरों पर हुए हमले के बाद हुआ था।
यह भी पढ़ें: