
तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को कड़े मुकाबले में हराकर जीत हासिल की है। इस जीत के साथ, शशि थरूर चौथी बार तिरुवनंतपुरम के सांसद बने हैं।
केरल में चुनावी लड़ाई अक्सर कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस के बीच ही होती है। इस बार भी वही स्थिति रही। थरूर की जीत ने यह साबित कर दिया कि केरल के मतदाता अपने चुनाव में एकरूपता बनाए रखते हैं। भाजपा को यहां केवल एक सीट पर संतोष करना पड़ा है।
2024 के लोकसभा चुनाव में, केरल में कुल 20 सीटों पर चुनाव हुए थे। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 17 सीटों पर बढ़त बनाई है। कांग्रेस ने 13 सीटें, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने 2 सीटें, केरल कांग्रेस (एम) ने 1 सीट और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) ने 1 सीट पर बढ़त हासिल की है। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) ने केवल एक सीट पर बढ़त बनाई है।
इस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण सीटों में से एक वायनाड थी, जहां से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव लड़ा था। राहुल गांधी ने 6,23,539 वोटों के साथ बढ़त बनाई, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, सीपीआई के उम्मीदवार, 2,73,509 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा के उम्मीदवार को 1,37,702 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे।
तिरुवनंतपुरम में भाजपा के राजीव चंद्रशेखर, सीपीआईएम के पन्नयन रविंद्रन और कांग्रेस के शशि थरूर के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। अंतिम चरण में शशि थरूर ने 3,53,518 वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि राजीव चंद्रशेखर ने 3,37,639 वोट प्राप्त किए। सीपीआईएम के पन्नयन रविंद्रन को 2,44,291 वोट मिले।
इस जीत ने शशि थरूर को तिरुवनंतपुरम का चौथी बार सांसद बना दिया। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर को 15,879 वोटों से हराया। यह जीत कांग्रेस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और भाजपा के लिए एक बड़ी हार मानी जा रही है।
केरल में कांग्रेस की इस महत्वपूर्ण जीत ने यह साबित कर दिया कि पार्टी राज्य में अभी भी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। शशि थरूर की जीत ने न केवल उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता को प्रदर्शित किया बल्कि यह भी दिखाया कि केरल के मतदाता अपने चुनाव में विवेकपूर्ण निर्णय लेते हैं।
इस जीत के बाद शशि थरूर ने अपने समर्थकों और मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे तिरुवनंतपुरम के विकास और जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत तिरुवनंतपुरम के लोगों की जीत है और वे उनके विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।