
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव परिणामों के दिन बाजार में भारी गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजार में उम्मीद की किरण दिखाई दी। सुबह के शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स में 600 अंकों की तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी एक बार फिर 22000 के स्तर को पार कर गया। हालांकि, सुबह के ऊपरी स्तरों से बिकवाली का भी दबाव बना रहा।
सुबह 9 बजकर 39 मिनट पर सेंसेक्स में 188.90 (0.26%) अंकों की बढ़त के साथ 72,267.95 के स्तर पर कारोबार होता दिखा। वहीं, निफ्टी 46.05 (0.21%) अंकों की बढ़त के साथ 21,930.55 के स्तर पर पहुंच गया। निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ने से बाजार में तेजी आई। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 948.83 अंकों की बढ़त के साथ 73,027.88 पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 247.1 अंकों की तेजी के साथ 22,131.60 पर कारोबार कर रहा था।
चुनाव परिणामों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) बहुमत के 272 के आंकड़े को पार कर चुका है, लेकिन भाजपा 2014 के बाद पहली बार इस जादुई आंकड़े से पीछे रह गई है और अब सरकार बनाने के लिए अपने सहयोगियों पर निर्भर है। चुनाव आयोग ने सभी 543 सीटों के परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिसमें भाजपा ने 240 और कांग्रेस ने 99 सीटें जीती हैं।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कम बहुमत के बावजूद, हमें उम्मीद है कि मोदी सरकार 3.0 निवेश, पूंजीगत खर्च, बुनियादी ढांचा निर्माण, विनिर्माण जैसे नीतिगत एजेंडे को जारी रखेगी। ग्रामीण इलाकों में नाराजगी को दूर करने और हाशिए पर पहुंचे लोगों की मदद के लिए लोकलुभावन उपायों की भी उम्मीद है। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईटीसी के शेयर सबसे ज्यादा लाभ में रहे। लार्सन एंड टुब्रो, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा, “बाजार को अप्रत्याशित चुनाव परिणामों को आत्मसात करने में कुछ समय लगेगा। जल्द ही बाजार में स्थिरता लौट आएगी, लेकिन जब तक कैबिनेट और प्रमुख पोर्टफोलियो पर स्पष्टता नहीं आ जाती, तब तक अस्थिरता जारी रहेगी।” उन्होंने कहा कि बाजार में तेज गिरावट का एक सकारात्मक पहलू यह है कि अत्यधिक मूल्यांकन निवेशकों को राहत मिलेगी और मंत्रिमंडल के गठन और संरचना पर स्पष्टता आने के बाद संस्थागत खरीदारी में आसानी होगी।
एशियाई बाजारों में सियोल और हांगकांग लाभ के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि टोक्यो और शंघाई में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.04 प्रतिशत गिरकर 77.49 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को सकल घरेलू बाजार में 12,436.22 करोड़ रुपये निकाले। मंगलवार को शेयर बाजार में चार साल का सबसे खराब कारोबारी दिन था क्योंकि भाजपा 2014 के बाद पहली बार 272 के जादुई आंकड़े से पीछे रह गई।
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मंगलवार को 4,389.73 अंक या 5.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ दो महीने से अधिक के निचले स्तर 72,079.05 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 6,234.35 अंक या 8.15 प्रतिशत के नुकसान से करीब पांच महीने के निचले स्तर 70,234.43 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 1,982.45 अंक यानी 8.52 प्रतिशत गिरकर 21,281.45 अंक पर आ गया। अंत में यह 1,379.40 अंक या 5.93 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 21,884.50 अंक पर बंद हुआ।