
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal) को राउज एवेन्यू कोर्ट से तुरंत राहत नहीं मिली है। केजरीवाल की अंतरिम जमानत की याचिका पर कोर्ट का फैसला 5 जून को आएगा, जिसका मतलब है कि उन्हें 4 जून को सरेंडर करना होगा और एक बार फिर तिहाड़ जेल जाना पड़ेगा।
अरविंद केजरीवाल ने 27 मई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम जमानत को सात दिन और बढ़ाने की याचिका दायर की थी। उन्होंने अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बताया कि उन्हें पीईटी और सीटी स्कैन समेत कुछ अन्य परीक्षण कराने हैं, जिसके लिए उन्हें सात दिन की जरूरत है। आम आदमी पार्टी ने एक बयान जारी कर यह भी जानकारी दी थी कि गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल का वजन सात किलो कम हो गया है और उनका कीटोन स्तर बहुत ऊंचा है, जो किसी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं। इस स्थिति में केजरीवाल ने अपनी अंतरिम जमानत को सात दिन और बढ़ाने की मांग की थी।
1 जून तक मिली थी अंतरिम जमानत
दिल्ली शराब नीति केस में फंसे केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से पिछले महीने की शुरुआत में अंतरिम राहत मिली थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विरोध के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम जमानत देने का निर्णय लिया था। केजरीवाल को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते वक्त कहा था…
सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत देते हुए कहा था कि लोकसभा चुनाव के संदर्भ में उदार दृष्टिकोण अपनाना उचित है। केजरीवाल का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वे समाज के लिए खतरा नहीं हैं। हालांकि, उन पर गंभीर आरोप हैं, लेकिन अभी तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। कोर्ट ने केजरीवाल को निर्देश दिया था कि वे किसी भी गवाह से बात नहीं करेंगे और आधिकारिक फाइलों तक उनकी पहुंच नहीं होगी। उन्हें 50,000 रुपये का जमानत बांड भी भरना होगा।
अब, राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले का इंतजार है, जिससे यह साफ होगा कि केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिलेगी या नहीं। इस बीच, आम आदमी पार्टी और उनके समर्थक उनके स्वास्थ्य और कानूनी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।