
BSNL, जो वर्तमान में 3G सेवा प्रदान कर रही है, अब 4G नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ 5G सेवाओं की ओर बढ़ रही है। BSNL को एक महत्वपूर्ण डील मिली है, जिसके तहत कंपनी अपने मोबाइल टॉवर का उपयोग करके 5G सेवा प्रदान करेगी। यह कदम जियो और एयरटेल के लिए चिंता का कारण बन सकता है, क्योंकि BSNL के ग्राहक अब कम कीमत में हाई-स्पीड डेटा और कॉलिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
ट्रायल शहरों की सूची
BSNL एक घरेलू टेलिकॉम स्टार्टअप के साथ मिलकर 5G सेवा के ट्रायल की तैयारी कर रही है। अगले एक से तीन महीनों में ट्रायल सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिसमें नॉन-पब्लिक नेटवर्क पर ध्यान दिया जाएगा। प्रारंभ में, BSNL 700MHz बैंड का उपयोग करके ट्रायल शुरू करेगी। दिल्ली, बेंगलुरु, और चेन्नई जैसे शहरों में यह ट्रायल किया जाएगा।
ट्रायल के प्रमुख स्थान
- कनॉट प्लेस, दिल्ली
- सरकारी इंडोर ऑफिस, बेंगलुरु
- संचार भवन, दिल्ली
- जेएनयू कैंपस, दिल्ली
- आईआईटी, दिल्ली
- इंडिया हैबिटेट सेंटर, दिल्ली
- गुरुग्राम के चुनिंदा स्थान
- आईआईटी, हैदराबाद
5G ट्रायल पर BSNL का समर्थन
BSNL ने 5G ट्रायल के लिए पूरा समर्थन देने की घोषणा की है। कंपनी स्पेक्ट्रम, टॉवर, बैटरी, पावर सप्लाई और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगी। वॉइस ऑफ इंडियन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंटरप्राइजेज (VoICE) ने भी 5G ट्रायल के लिए अपनी तत्परता जाहिर की है। इस संबंध में VoICE और BSNL के CMD के बीच एक बैठक भी हुई है।
VoICE का परिचय
VoICE एक स्वदेशी टेलिकॉम कंपनियों का समूह है जिसमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), तेजस नेटवर्क, VNL, यूनाइटेड टेलिकॉम, कोरल टेलिकॉम, और HFCL जैसी कंपनियां शामिल हैं। यह समूह BSNL के नेटवर्क का उपयोग करके 5G ट्रायल करेगा।
सरकार का पूर्ण समर्थन
केंद्र सरकार ने BSNL को हर संभव सहायता प्रदान की है। जून 2023 में, सरकार ने BSNL को 4G और 5G नेटवर्क के रोलआउट के लिए 89,047 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दिया था। सरकार ने BSNL को 700MHz, 2200MHz, 3300MHz और 26GHz स्पेक्ट्रम बैंड आवंटित किए हैं, जिससे कंपनी देशभर में 4G और 5G नेटवर्क उपलब्ध करा सकेगी। यह कदम ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में तेज़ इंटरनेट सेवा पहुंचाने में मदद करेगा।
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