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G-7 2024 बैठक में शनिवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बैठक में शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी इटली के लिए रवाना हो चुके हैं। इटली पहुंचने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बुलावे पर हम इटली में जा रहे हैं ताकि हम वहां भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके तीसरे कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा वह इटली में कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार हमारा ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा अफ्रीकाई देश की स्थिति और भूमध्य सागर से जुड़ी समस्याओं को चर्चित करना होगा।
15 जून तक चलेगी G-7 2024 बैठक
इस वर्ष होने वाले G-7 बैठक की अगुवाई इटली द्वारा की जा रही है। इस बार यह बैठक इटली के अपुलिया क्षेत्र में 13 से 15 जून तक चलेगी। इस बैठक में यूक्रेन और ग़ाज़ा में चल रहे संघर्ष का मुद्दा छाए रहने की संभावना है। G7 बैठक में दुनिया भर के विभिन्न नेता शामिल होंगे। इन नेताओं में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जापानी पीएम फुमियो किशीदा और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भी शामिल होंगे।
आखिर क्या है G-7 ग्रुप
G-7 (Group of 7 countries) ग्रुप में 7 सदस्य देश शामिल होते हैं। ज्यादातर G-7 ग्रुप में वह देश सदस्य हैं जो अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) की उन्नत अर्थव्यवस्था में आते हैं। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान शामिल है।
इसकी स्थापना 25 मार्च 1973 को एक समूह के रूप में हुई थी जिसमें केवल 6 देश शामिल थे, इसे G-6 कहा जाता था। इस ग्रुप का कोई सचिवालय या कार्यालय नहीं है। हर साल इसकी अगुवाई अलग-अलग देशों द्वारा की जाती है जो कि इस ग्रुप के सदस्य होते हैं। इसका प्रथम शिखर सम्मेलन सन 1975 में शैटाॅ डी रैंबोइलेट में हुआ था।
भारत नहीं है G-7 ग्रुप का मेंबर
वैसे तो भारत G7 ग्रुप का मेंबर नहीं है लेकिन इस 11वें में बैठक में भारत जाएगा। इससे पहले भारत 10वें G7 बैठक में भी शामिल हो चुका है। इस बैठक में भारत के अलावा और भी 11 विकासशील देशों को शामिल होने के लिए बुलाया गया है। यह देश अफ्रीकाई, दक्षिण अमेरिकाई और हिंद- प्रशांत महासागरीय क्षेत्र से आते हैं।
यूरोपीय संघ(EU) भी G-7 का सदस्य नहीं है, लेकिन वह हर साल इस बैठक में शामिल होता है। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन है। वह एक जर्मन राजनेता है जो 2013 से रक्षा मंत्री के रूप में कार्य कर रही थी।
नमस्ते करते हुए जॉर्जिया का वीडियो हो रहा है वायरल
एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें इटली की प्रधानमंत्री जर्मन चांसलर ओएल्फ स्काॅल्ज़ का नमस्ते से स्वागत कर रही हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने गुरुवार को नमस्ते से विभिन्न देशों के प्रतिनिधि का स्वागत किया। G-7 बैठक में जॉर्जिया मेलोनी ने यूरोपीय संघ के अध्यक्ष और जर्मन चांसलर का भी नमस्ते से स्वागत किया। यह एक्ट भारत का विश्व में बढ़ते हुए प्रभाव को दिखाता है।