
जम्मू। मन में बाबा केदार के दर्शन की आस लिए कदम-कदम पर कठिनाइयों का सामना कर रहे तीर्थयात्रियों ने कभी नहीं सोचा था कि उनकी यात्रा इस दर्दनाक मोड़ पर खत्म होगी। आज सुबह, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा के पास, अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर यात्रियों पर गिर पड़े, जिससे तीन लोगों की जान चली गई और पांच लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
केदारनाथ के 16 किमी लंबे गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। चिरबासा एक भूस्खलन जोन है, जहां हर बरसात में पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं। पिछले साल भी इसी जगह पर एक युवती की जान गई थी और 2022 में भी दो यात्रियों की मौत हुई थी। रविवार को भी बारिश के बाद यहां भूस्खलन हो गया। घटना सुबह साढ़े सात बजे की है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे के बाद का दृश्य बेहद दिल दहलाने वाला था। चारों ओर शव बिखरे हुए थे और पुलिस ने घायलों को मलबे और बोल्डरों से निकालकर अस्पताल भेजा। मृतकों की पहचान किशोर अरुण पराटे (31), नागपुर महाराष्ट्र; सुनील महादेव काले (24), जालना महाराष्ट्र; और अनुराग बिष्ट, तिलवाड़ा रुद्रप्रयाग के रूप में हुई है।
यह त्रासदी एक बार फिर केदारनाथ यात्रा की कठिनाइयों और जोखिमों को उजागर करती है। बाबा के दर्शन की चाह में निकले तीर्थयात्रियों को अब सुरक्षा के प्रति जागरूक होना और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। यह हादसा हमें याद दिलाता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सतर्कता और सावधानी बरतना कितना महत्वपूर्ण है।
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