
पटना। नीट यूजी 2024 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बुधवार को पटना एम्स के तीन डॉक्टरों को हिरासत में लिया। इन तीनों डॉक्टरों के लैपटॉप और मोबाइल भी जब्त कर लिए गए हैं। तीनों डॉक्टर 2021 बैच के छात्र हैं और उन पर पेपर लीक में संलिप्त होने का आरोप है।
पेपर लीक मामले में सीबीआई की ताबड़तोड़ कार्रवाई
दो दिन पहले ही सीबीआई ने इस मामले में पंकज कुमार को पटना से और उसके साथी राजू को हजारीबाग से गिरफ्तार किया था। पंकज कुमार पर एनटीए द्वारा भेजे गए प्रश्न पत्र को चुराने का आरोप है, जिसे बाद में लीक किया गया था। पंकज मूल रूप से बोकारो का रहने वाला है और राजू उसका सहयोगी है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर पटना एम्स के तीन डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है।
सीबीआई की कड़ी निगरानी
सीबीआई ने इन तीन डॉक्टरों के कमरे को सील कर दिया है और उनसे पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि इन डॉक्टरों के पास से मिले सबूतों के आधार पर सीबीआई मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
पेपर लीक मामले में अब तक की प्रगति
अब तक नीट यूजी पेपर लीक केस में सीबीआई ने लगभग 57 गिरफ्तारियां की हैं और छह एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से 12 गिरफ्तारियां केंद्रीय एजेंसी द्वारा की गईं, जबकि बाकी विभिन्न राज्य पुलिस बलों द्वारा की गईं। अब तक 22 लोगों को जमानत मिल चुकी है। सीबीआई ने हाल ही में राकेश उर्फ रॉकी को भी गिरफ्तार किया था और अब पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया की तलाश जारी है।
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