
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पेरिस ओलंपिक में रविवार को भारतीय हॉकी टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को पेनल्टी शूटआउट में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत में हरियाणा के हिसार जिले के गांव डाबड़ा के संजय कालीरावणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संजय ने पूरे मैच के दौरान ग्रेट ब्रिटेन के 19 पास रोके और दो गोलों को विफल किया, जिससे भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित हुई।
संजय की बेहतरीन प्रदर्शन ने भारतीय टीम को किया मजबूत
संजय के शानदार प्रदर्शन के कारण भारतीय टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को तीसरे और चौथे क्वार्टर में एक भी गोल करने का मौका नहीं दिया। कोच राजेंद्र सिहाग ने बताया कि संजय और अन्य खिलाड़ियों की बदौलत टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया और पहले क्वार्टर में भी विपक्षी टीम को गोल करने नहीं दिया।
मैच में 10 खिलाड़ियों के साथ खेली भारतीय टीम
दूसरे क्वार्टर में भारत के अमित रोहिदास को रेड कार्ड दिखाया गया, जिससे भारतीय टीम को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसके बावजूद, टीम ने हरमनप्रीत सिंह के पेनल्टी कार्नर गोल की बदौलत 13वें मिनट में एक गोल किया। ब्रिटेन ने तीसरे क्वार्टर में 41वें मिनट में गोल कर मैच को बराबरी पर ला दिया, लेकिन अंततः पेनल्टी शूटआउट में भारत को जीत मिली।
संजय के परिवार में खुशी का माहौल
संजय के परिवार ने इस शानदार जीत पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई। संजय के पिता नेकीराम ने कहा, “मेरे बेटे ने देश का नाम रोशन किया है। उसने गोल्ड मेडल जीतने का वादा किया है और मुझे पूरा विश्वास है कि वह अपनी उम्मीदों पर खरा उतरेगा।” मैच शुरू होने से पहले परिवार ने पूजा की और जीत की कामना की थी। जीत के बाद परिवार ने फोन पर बधाइयां स्वीकार की और संजय के शानदार प्रदर्शन पर गर्व महसूस किया।
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