
नई दिल्ली। भारतीय महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी ने पेरिस ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद एक बड़ा बयान दिया है। चार ओलंपिक में भाग लेने के बावजूद पदक से वंचित रहने वाली दीपिका ने कहा कि वह तब तक संन्यास नहीं लेंगी, जब तक वह ओलंपिक में पदक नहीं जीत जातीं। यह बयान उनकी दृढ़ संकल्प और समर्पण को दर्शाता है, जो उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
दीपिका का ओलंपिक सफर
दीपिका कुमारी, जो भारतीय तीरंदाजी में एक जाना-माना नाम है, अपने चौथे ओलंपिक में पेरिस में उतरी थीं। दिसंबर 2022 में मां बनने के बाद खेल में वापसी करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय चयन ट्रायल में शीर्ष स्थान प्राप्त किया और अप्रैल में शंघाई विश्व कप में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, पेरिस ओलंपिक में वह व्यक्तिगत वर्ग में अच्छी शुरुआत के बावजूद क्वार्टर फाइनल में हार गईं। दीपिका, भजन कौर और अंकिता भकत की महिला तीरंदाजी टीम भी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी।
भविष्य की योजनाएं
दीपिका कुमारी ने कहा, “मैं भविष्य में खेलना जारी रखूंगी और ओलंपिक पदक जीतने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगी। जब तक मैं इसे हासिल नहीं कर लेती, तब तक मैं खेल को अलविदा नहीं कहूंगी।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ओलंपिक से सीखा है कि तेज़ और सटीक निशाना लगाना कितना महत्वपूर्ण है और इसमें कोई बड़ी गलती की गुंजाइश नहीं होती।
लक्ष्यों के प्रति समर्पण
दीपिका ने कहा, “मैं और मजबूत होकर वापसी करूंगी और अपने खेल में सुधार करूंगी। इसमें कई चीजें हैं जिन्हें मुझे और बेहतर तरीके से समझने की जरूरत है और इसके अनुसार खुद को तैयार करना महत्वपूर्ण है।” उनके इस बयान से स्पष्ट होता है कि वह अपने खेल के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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