
नई दिल्ली। उत्तर पश्चिम बंगाल में मानसून अपने निर्धारित समय से छह दिन पहले ही पहुंच गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इसकी राज्य में छह जून तक आने की संभावना जताई थी। उत्तर भारत समेत विभिन्न हिस्सों और पहाड़ी क्षेत्रों में भीषण गर्मी और लू के बीच शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने करवट ली। कई इलाकों में धूल भरी आंधी चली और बादल छा गए, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली।
मौसम विभाग ने उत्तर भारत सहित अन्य हिस्सों में अगले दो दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में अगले पांच दिनों में कई स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। उत्तर प्रदेश में एक से चार जून, राजस्थान में दो जून, पंजाब और हरियाणा में एक से पांच जून तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले दो-तीन दिनों में भीषण लू से राहत मिलने की संभावना है। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में अगले चार-पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
आईएमडी ने बताया कि मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, दक्षिण अरब सागर के शेष हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण और गोवा में अगले पांच दिनों के दौरान और मध्य महाराष्ट्र में दो से पांच जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के कुछ क्षेत्र गंभीर लू और गर्मी का सामना कर रहे हैं।
केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की तेजी के साथ ही कई जगहों पर भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। राज्य के ऊपरी इलाकों में कत्तायम और इडुकी जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। लगातार बारिश से जलभराव और पेड़ उखड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है और केरल व लक्षद्वीप में मछुआरों को मछली पकड़ने से बचने की सलाह दी है।
हीट स्ट्रोक से हुई मौतें: स्वास्थ्य मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च से मई के बीच हीट स्ट्रोक से भारत में 56 मौतें हुईं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 46 मौतें मई में हुईं। हीट स्ट्रोक के कुल 24,849 मामले सामने आए, जिनमें से 19,189 मामले मई महीने के हैं। बीते शुक्रवार को हीट स्ट्रोक से 40 मौतें हुईं, जिनमें 25 उत्तर प्रदेश और बिहार के लोकसभा चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी थे। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को ओडिशा में 10, बिहार में 8, झारखंड में 4 और उत्तर प्रदेश में 1 व्यक्ति की हीट स्ट्रोक से मौत हुई। राजस्थान में अब तक कम से कम पांच लोगों की गर्मी से संबंधित मौतें दर्ज की गई हैं।
असम में बाढ़: 11 जिलों में 3.5 लाख लोग प्रभावित

रेमल चक्रवात के बाद हुई लगातार बारिश से असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 11 जिलों के 3.5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित कछार जिले में सभी शिक्षण संस्थान शनिवार को बंद रहे। प्रभावित जिलों में कार्बी आंग्लोंग, धेमाजी, होजाई, कछार, करीमगंज, डिब्रूगढ़, नगांव, हैलाकांदी, गोलाघाट, वेस्ट कार्बी आंग्लोंग और डिमा हसाउ शामिल हैं। करीब 30,000 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से बराक घाटी और डिमा हसाउ में सड़क और रेल संपर्क बाधित हुआ है।