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इस्कॉन के बाद ट्रंप ने माना- चमत्कारी बचाव में भगवान का हाथ

News Desk
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इस्कॉन के बाद ट्रंप ने माना- चमत्कारी बचाव में भगवान का हाथ

वाशिंगटन। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की खबरें दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कई लोग उनकी सुरक्षा में लगे कर्मचारियों पर सवाल उठा रहे हैं, तो कुछ हमलावर की उम्र पर बात कर रहे हैं। इस बीच हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपना पहला इंटरव्यू दिया है।जो खासा वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू में ट्रंप ने इस बात का खुलासा किया है कि आखिर उनकी जान कैसे और किसने बचाई है।

इस जानलेवा हमले के बाद ट्रंप ने अपना पहला इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “मुझे तो मर जाना चाहिए था। यह हमला एक अवास्तविक अनुभव था।” उन्होंने आगे कहा कि, “सबसे अविश्वसनीय बात यह थी कि मैंने सही समय और सही मात्रा में अपना सिर घुमाया। नहीं तो गोली आसानी से जान ले सकती थी।” ट्रंप ने कहा, “मैं शायद ही कभी भीड़ से दूर देखता हूं। अगर मैंने उस पल ऐसा नहीं किया होता तो आज हम बात नहीं कर रहे होते। भाग्य और भगवान की कृपा से मैं यहां हूं। इस इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने अपने कान में सफेद पट्टी बांध रखी है। बता दें कि सिर्फ ट्रंप ही नहीं बल्कि उनका इलाज करने वाले अस्पताल के डॉक्टरों ने भी इसे चमत्कार बताया है।

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बता दें कि ट्रंप का हमले से बाल बाल बचने के बाद इस्कॉन ने एक बड़ा दावा किया था। इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने इस बात का दावा किया था कि डोनाल्ड ट्रंप की जान भगवान जगन्नाथ ने 48 साल पहले कृष्ण भक्तों के लिए अपना ट्रेन यार्ड के उपयोग करने की अनुमति देने के बदले भगवान जगन्नाथ ने बचाई है। इस्कॉन मंदिर कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने अपनी बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए साझा की है। उन्होंने लिखा, “सच में, ट्रंप की जान बचने के पीछे भगवान जगन्नाथ का हाथ है।”…… “ठीक 48 साल पहले डोनाल्ड ट्रंप ने जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव को बचाया था। अब उन्हीं की कृपा से ट्रंप की जान बची है। आज जब पूरी दुनिया जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव मना रही है, ऐसे में ट्रंप पर हमला हुआ और भगवान जगन्नाथ ने उन्हें बचाया।” उन्होंने कहा कि करीब 48 साल पहले जुलाई 1976 में , जब इस्कॉन न्यूयॉर्क शहर में पहली रथ यात्रा आयोजित करने की योजना बना रही थी, तो चुनौतियां बहुत अधिक थीं। फिफ्थ एवेन्यू में परेड परमिट मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं था। एक विशाल खाली जगह ढूंढना, जहां रथ बनाए जा सकें, कभी भी आसान नहीं था। हमने हर संभव व्यक्ति का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तभी डोनाल्ड ट्रंप कृष्ण भक्तों के लिए आशा की किरण बनकर उभरे। उन्होंने फिफ्थ एवेन्यू का उपयोग करने की अनुमति दी और रथों के निर्माण के लिए मुफ्त में अपना ट्रेन यार्ड देकर इस्कॉन भक्तों को रथयात्रा आयोजित करने में मदद की थी, जो वास्तव में एक बड़ी बात थी।

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