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नाग पंचमी पर देवी को खून चढ़ाने की पुरानी परंपरा, पुजारी ने जान जोखिम में डालकर किया ये काम!

News Desk
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नाग पंचमी पर देवी को खून चढ़ाने की पुरानी परंपरा, पुजारी ने जान जोखिम में डालकर किया ये काम!

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर के दियोरिया क्षेत्र के गांव टेहरी में नाग पंचमी पर देवी को खून चढ़ाने की एक प्राचीन परंपरा के दौरान एक दर्दनाक घटना घटी। इस परंपरा के निर्वहन के प्रयास में मंदिर के पुजारी नन्हेलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। नन्हेलाल हर साल नाग पंचमी के अवसर पर मंदिर में देवी की मूर्ति पर अपने शरीर से खून निकालकर अर्पित करते हैं, लेकिन इस बार यह परंपरा उनकी जान पर बन आई।

क्या हुआ था उस रात?

शुक्रवार की देर रात, नन्हेलाल ने परंपरा का पालन करते हुए देवी पर खून चढ़ाने के लिए चाकू से अपना गला रेता। उनका इरादा था कि थोड़ा खून निकलकर उसे देवी पर चढ़ा देंगे, लेकिन गलती से उनका गला गहरा कट गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। जब परिजनों को इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल और फिर बरेली के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

चिकित्सा और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर चंदन सिन्हा ने बताया कि नन्हेलाल की हालत नाजुक थी, इसलिए उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए बरेली भेजा गया है। वहीं, कोतवाल राजीव रंजन श्रीवास्तव ने इस मामले की जानकारी से इनकार किया है।

यह घटना इस ओर इशारा करती है कि धार्मिक परंपराओं को निभाने के दौरान भी संयम और सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी की जान को खतरा न हो। इस घटना ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी है और लोग इस परंपरा की पुनर्समीक्षा की बात कर रहे हैं।

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