
नई दिल्ली। कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानों और होटलों के मालिकों के नेमप्लेट लगाने के आदेश को लेकर चल रहे विवाद पर आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा श्रद्धा की यात्रा है और इसे किसी भी प्रकार के विवाद या राजनीति में नहीं उलझाना चाहिए। मोरारी बापू ने कहा, “मैंने भी कांवड़ यात्रा में भाग लिया है और यह यात्रा केवल भक्ति और श्रद्धा की प्रतीक है, न कि किसी प्रतिस्पर्धा की। राजनीति और राज्य के मामलों में मैं नहीं पड़ता, लेकिन श्रद्धा को विवाद का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।”
सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों द्वारा जारी उन निर्देशों पर सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसमें कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित भोजनालयों को अपने मालिकों, कर्मचारियों के नाम और अन्य विवरण प्रदर्शित करने के लिए कहा गया था। जस्टिस ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एस. वी. एन. भट्टी की बेंच ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी किया और निर्देश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जवाब देने के लिए कहा है।
मध्य प्रदेश में भी लागू किया गया निर्देश
मध्य प्रदेश में उज्जैन नगर निगम ने भी दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों के बाहर नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया था। बेंच ने राज्य सरकारों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि यह जानकारी देना आवश्यक हो सकता है कि वे किस प्रकार का भोजन परोस रहे हैं, जैसे कि वे शाकाहारी हैं या मांसाहारी। इस मुद्दे पर अगली सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
यह भी पढ़ें:
- Spela Trots Spelpaus Mars 2025
- Site Oficial De Cassino Online E Apostas Simply No Brasil
- Mostbet Bayerischer Rundfunk: Cassino Online Elizabeth Empresa De Apostas No Brasil
- Site Oficial De Cassino Online E Apostas Simply No Brasil
- Casa De Apostas Mostbet Com Apostas Esportivas Online
- Find your perfect match making a booty call