
नई दिल्ली: मेडिकल की NEET परीक्षा में हुई धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। देशभर के मेडिकल छात्र सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब यह मामला
सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नीट विवाद पर अहम बयान सामने आया है।
धर्मेंद्र प्रधान का बयान
ओडिशा में अपने संसदीय क्षेत्र संबलपुर पहुंचने पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर 1,563 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा का आदेश दिया गया है। NEET परीक्षा के दौरान दो जगहों पर कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं।
NTA में सुधार की आवश्यकता
केंद्रीय मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों को विश्वास दिलाते हुए कहा है कि सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। अगर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के बड़े अधिकारी भी दोषी पाए गए तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी माना कि NTA में बहुत सुधार की जरूरत है और सरकार इस बारे में चिंतित है। और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
#WATCH | Sambalpur, Odisha: On the NEET issue, Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, "On the recommendations of Supreme Court, the order has been given for re-test of 1,563 candidates…Some irregularities have come to light in two places. I assure students and… pic.twitter.com/yrdvdAcn4g
— ANI (@ANI) June 16, 2024
दोबारा परीक्षा की तिथि
ध्यान देने योग्य है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET 2024 की परीक्षा में ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1,563 उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड रद्द कर दिए जाएंगे। इन उम्मीदवारों को फिर से परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। NEET 2024 की दोबारा परीक्षा 23 जून को होनी है, जिसके नतीजे 30 जून से पहले आने की उम्मीद है।
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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
NEET परीक्षा में हुई धांधली को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 8 जुलाई को है। कोर्ट ने NTA के इस बयान को स्वीकार किया कि 1,563 छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके परिणाम 30 जून से पहले घोषित किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जुलाई में शुरू होने वाली काउंसलिंग में कोई बाधा न आए।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
देशभर के मेडिकल छात्र इस धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। उनका कहना है कि यह धांधली उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है और वे इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने विभिन्न शहरों में प्रदर्शन किए हैं और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
धांधली की विस्तृत जानकारी
धांधली के कारण और इसके प्रभाव को समझने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं:
- अनियमितताओं की प्रकृति: NEET परीक्षा के दौरान कुछ स्थानों पर पेपर लीक, गलत उत्तर कुंजी और ग्रेस मार्क्स देने की घटनाएं सामने आई हैं।
- छात्रों का नुकसान: इस धांधली के कारण योग्य छात्रों को उनका सही परिणाम नहीं मिल पाया, जिससे उनका मेडिकल कॉलेज में प्रवेश बाधित हुआ।
- सरकार का कदम: सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोबारा परीक्षा का आदेश दिया है और NTA में सुधार की प्रक्रिया शुरू की है।
सुधार के प्रयास
NTA में सुधार के लिए कुछ प्रमुख कदम उठाए जा सकते हैं:
- प्रौद्योगिकी का उपयोग: परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर धांधली को रोका जा सकता है।
- सख्त निगरानी: परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी और सुरक्षा उपायों को बढ़ाना होगा।
- पारदर्शिता: परीक्षा परिणाम और स्कोरिंग प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लानी होगी।
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