
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “दिल्ली के वाई-फाई पासवर्ड” की तरह हैं। अखिलेश ने केशव को मोहरा बताते हुए कहा, “आप बस दिल्ली के वाईफाई पासवर्ड का खेल देखिए।” सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान, अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अंदरूनी मतभेदों पर तंज कसा।
लगता है डबल इंजन वालों के बीच में एक और इंजन आ गया है, जो दिल्ली-लखनऊ के बीच शंटिंग करता है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 26, 2024
ऐसा लग रहा है कि दो राजधानियों के बीच कोई इंटर-सिटी आवागमन सेवा चल रही है।
अखिलेश यादव ने ट्विटर पर कहा, “ऐसा लगता है कि डबल इंजन सरकार के बीच एक और इंजन आ गया है, जो दिल्ली और लखनऊ के बीच शंटिंग कर रहा है।” यह तंज उस समय आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में केशव मौर्य की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए। अखिलेश ने कहा कि केशव मौर्य आरक्षण के मुद्दे पर यूपी सरकार को पत्र लिख रहे हैं क्योंकि वे दोनों तरफ बने रहना चाहते हैं।
समाजवादी पार्टी की योजनाएं और आरोप
अखिलेश यादव ने समाजवादी सरकार के कार्यकाल में राज्यपाल द्वारा लगाए गए जातिवाद के आरोपों को भी उठाया और वर्तमान में राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सपा को मुस्लिम-यादव (माय) पार्टी कहती थी, लेकिन आगामी चुनावों में उनका “माय” (मोदी-योगी) फेल हो जाएगा। उन्होंने कई जिलों में चुनाव के दौरान अधिकारियों पर भेदभाव का भी आरोप लगाया।
बागी विधायकों की सदस्यता और अन्य मुद्दे
अखिलेश यादव ने कहा कि वे बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के लिए विधानसभा से आग्रह करेंगे। हालांकि, सपा विधायक पल्लवी पटेल के मामले में, उन्होंने कहा कि वे उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए नहीं लिखेंगे क्योंकि वह पीडीए की सदस्य हैं।
मदरसा बोर्ड की व्यवस्था पर सरकार के हस्तक्षेप के खिलाफ बोलते हुए, अखिलेश ने कहा कि सरकार को मदरसा बोर्ड की व्यवस्था में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कानपुर दंगों में पुलिस पर मुस्लिम समुदाय से वसूली का आरोप लगाया और कहा कि मौका मिलने पर इसकी दुबारा जांच कराई जाएगी।
संविधान मान स्तंभ का अनावरण
अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय में संविधान मान स्तंभ का अनावरण किया और कहा कि यह स्तंभ प्रदेश के सभी सपा जिला और शहर कार्यालयों पर लगाए जाएंगे। इस अवसर पर सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी भी उपस्थित थे। अखिलेश ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि लखनऊ के सरोजिनी नगर हत्या के मामले में सरकार के प्रभावशाली लोग जांच में बाधा डाल रहे हैं।
कांग्रेस का मोहरा बन चुके सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव जी भाजपा को लेकर ग़लतफ़हमी पालने,
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) July 26, 2024
अति पिछड़ों को निशाना बनाने,अपमान करने की जगह सपा को समाप्त होने से बचाने पर ध्यान दें।
भाजपा 2027 में 2017 दोहरायेगी, कमल खिला है खिलेगा,खिलता रहेगा।